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विकसित भारत 2047 की ओर

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पंच परिवर्तन

राष्ट्र निर्माण के पांच स्तंभ

01

सेवा

समाज सेवा राष्ट्र निर्माण का प्रथम स्तंभ है

02

संस्कार

संस्कार से ही चरित्र निर्माण होता है

03

समरसता

समाज में समरसता लाना आवश्यक है

04

संगठन

संगठन में ही शक्ति है

05

पंच परिवर्तन

व्यक्ति से विश्व तक सकारात्मक परिवर्तन

लेखक परिचय

राष्ट्रचिंतक • चिंतक लेखक

50K+
पाठक

लक्ष्य

हमारा उद्देश्य

सेवा

समाज सेवा

शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक कार्य के माध्यम से समाज की सेवा हेतु समर्पित।

समाज

संगठन

भारतीय मूल्यों और परंपराओं पर आधारित सशक्त, संगठित समाज का निर्माण।

उत्कृष्टता

राष्ट्र निर्माण

साहित्य, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में उत्कृष्टता हेतु प्रतिबद्ध।

पुस्तक परिचय

नवभारत का शंखनाद

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